पत्र
Dear सखे, कृष्ण जन्माष्ठमी की हार्दिक बधाई! प्रिये, ईश्वर ने आपको बहुत कुछ दिया है-समझदारी, सुंदरता, प्रेम, सद्बुद्धि, ज्ञान और कुशलता। आज आपकी परीक्षा भी है और हम सबका व्रत भी। कृष्ण का जीवन संघर्ष और प्रेम का जीवन है, दुख से त्राण दिलाकर खुशी और वैभव की ओर सरलता के साथ ले जाना उनका दर्शन है। वे प्रेम के सहारे आनंद को निम्मज्जित करते हैं। उनके होठों पर मुस्कान का वैभव है। वे हृदय को जीत लेने के लिए पर्याप्त है। हम तुच्छ मानव जो उनके अंश मात्र हैं। हम इच्छा , अनिच्छा , गुण -अवगुण के पुतले हैं। प्रेम ही से हम इस जीवन को खुशहाल बना सकते हैं तथा उसे जीत सकते हैं। प्रेम अपने आप में एक वैभव है,मोतियों का खान है। और ये मोती प्रेम के जरिये ही आकार पाता है-कभी अश्रु कण बनकर, कभी चुंबन का बोसा बनकर। आज के दिन मैं मिलना चाहता था। इन आँखों में आपकी सूरत को सामने से जीना चाहता था। आपके प्रेम व स्नेह को , जैसा कि कृष्ण का दर्शन है-अनुभवकर , पाकर इस मानव जीवन को, इसकी...